Monday, November 25, 2019

छोटी सी गौरया अब दुनिया  से नाता तोड़ रही
अपने ही पालनकर्ता का अब वो सहारा छोड़ रही
इंसानों की सखी सहेली अब न जाती बसेरो मे
उनके संगी साथी सब है रहते सदा थपेड़ो मे
यह दुनिया की  आपाधापी नन्हे प्राणों को हरती है
गौरया बदले इन संगी साथी जन  से डरती है
कब तक यू संकल्पित होगे अब तो तुम कुछ कार्य करो
थोड़ा सार्थक श्रम अपने साथी के
जीवनार्थ करो

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